ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेश छोड़ भाजपा में शामिल हुए


राहुल गांधी की दोस्ती छोड़कर, भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया
          
नई दिल्ली। कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनके खास मित्र तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोस्ती को छोड़कर 11 मार्च को भाजपा में सदस्यता ग्रहण कर ली है। वहीं सदस्यता ग्रहण करने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा नेता के रूप में पर्चा दाखिल करेंगे। बता दें कि बीजेपी दफ्तर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद रहे। अपने संबोधन में जेपी नड्डा ने सिंधिया को आश्वस्त किया की संगठन के साथ देश की प्रगति तथा विकास करने के लिए सिंधिया को भरपूर अवसर दिया जाएगा।


बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जेपी नड्डा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया।


सिंधिया ने बताया कि उनके जीवन में दो तरीखें काफी महत्वपूर्ण है जिसमें पहली 30 सितंबर 2001 जिस दिन उनके पिताजी को खोया जो कि एक जीवन बदलने का दिवस था जबकि दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 उनकी वर्षगांठ पर जिस दिन सिंधिया ने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। सिंधिया बोले कि जनसेवा के लक्ष्य की पूर्ति कांग्रेस के माध्यम से नहीं हो पाई।


जब कांग्रेस की सरकार बनी तो मध्यप्रदेश में कार्य करने के लिए एक सपना पिरोया था लेकिन 18 महीने में पूरे सपने बिखर गए। सिंध्यिा ने किसान कर्जमाफी तथा बेरोजगारी को दूर करने में कांग्रेस सरकार को फेल बताया। जबकि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार का बड़ा उद्योग उत्पन्न होने की बात कही।


प्रधानमंत्री में कार्य करने की क्षमता काफी अधिक देश का नाम विश्व भर में बढ़ाया। भविष्य की चुनौतियों को परखना और परखने के बाद उनके सामने की योजना बनाने की क्षमता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में है जिससे पता चलता है कि भारत का भविष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है।